Wednesday, 30 January 2019

नगरकोट हिल स्टेशन: प्रकृति का रोमांच

   नगरकोट हिल स्टेशन को प्रकृति प्रेमियों का स्वर्ग कहा जाना चाहिए। जी हां, नगरकोट की प्राकृतिक सुन्दरता किसी को भी मुग्ध कर लेती है। 

  नेपाल की राजधानी काठमांडू का यह सुन्दर हिल स्टेशन वैश्विक पर्यटकों का बेहद पसंदीदा पर्यटन क्षेत्र है।
  इसे काठमांडू घाटी भी कहते हैं। खास यह कि हिमालय की गोद में रचा-बसा नगरकोट हिल स्टेशन प्रकृति का सुन्दर दर्पण है। 

  पर्यटक यहां माउण्ट एवरेस्ट सहित हिमालय की खूबसूरती का विहंगम दृश्य देख सकते हैं। खास यह कि पर्यटक नगरकोट हिल स्टेशन पर हिमालय की गोद में होने का सुखद एवं रोेमांचक एहसास कर सकते हैं।
   समुद्र तल से करीब 2195 मीटर की ऊंचाई पर स्थित नगरकोट हिल स्टेशन एक रमणीक स्थल है। सुरम्य एवं शांत वातावरण पर्यटकों को एक शानदार सुखानुभूति कराता है। 

   नगरकोट हिल स्टेशन पर सूर्यास्त एवं सूर्योदय की इन्द्रधनुषी निराली छटा दिखती है। इस लालित्य पूर्ण सौन्दर्य की एक झलक पाने के लिए पर्यटक दीवाने हो जाते हैं।
   खास तौर से नगरकोट हिल स्टेशन की कलात्मकता दर्शनीय होती है। खास यह कि पर्यटक यहां रिसोर्ट एवं आश्रय स्थलों में रात्रि विश्राम कर हिमालय एवं प्रकृति की सुन्दरता का रोमांचक एहसास कर सकते हैं। होटल या रिसोर्ट की बालकनी में खड़े होकर पर्यटक चौतरफा प्रकृति का भव्य दिग्दर्शन कर सकते हैं।
   नेपाल के बागमती अंचल के जिला भक्तपुर का यह नगरकोट हिल स्टेशन अद्भुत एवं विलक्षण है। नेपाल की राजधानी काठमांडू से पूर्व दिशा में करीब 32 किलोमीटर दूर स्थित नगरकोट हिल स्टेशन पर चौतरफा हिमालय श्रंखला का दिव्य-भव्य दर्शन होता है। 

  हिमाच्छादित चोटियां अति दर्शनीय होती है। खास यह कि नगरकोट हिल स्टेशन से नेपाल की राजधानी काठमांडू की विहंगमता दिखती है। भक्तपुुर में भी दर्शनीय स्थलों की एक लम्बी श्रंखला है।
  लिहाजा पर्यटक भक्तपुर का भ्रमण कर प्रकृति का भरपूर आनन्द ले सकते हैं। सुखद यह कि चौतरफा मनोरम दृश्य मन मस्तिष्क को प्रफुल्लित करते हैं। 

  नगरकोट हिल स्टेशन एवं आसपास सुन्दर एवं आकर्षक स्थलों की श्रंखला पर्र्यटकों को मुग्ध कर लेती है। यहां पर्वत मालाओं की दिव्य-भव्य श्रंखला है।
   खास तौर से काठमांडू घाटी, शिवपुरी नेशनल पार्क, अन्नपूर्णा रेंज, मनसालु रेंज, गणेश हयाल रेंज, लैंगलंग रेंज, जुगल रेंज, रोलवलिंग रेंज, महलंगुर रेंज एवं नुम्बूर रेंज आदि दर्शनीय है।

  पर्वतारोहण एवं ट्रैकिंग प्रेमियों के लिए नगरकोट हिल स्टेशन किसी स्वर्ग से कम नहीं है। नगरकोट हिल स्टेशन का इको ट्रेल सर्वाधिक लोकप्रिय है। पर्यटक यहां पैराग्लाइडिंग का भी आनन्द ले सकते हैं। 

  खास यह कि घाटी में एक दिव्य-भव्य किला है। इसकी दर्शनीयता पर्यटकों को खुद-ब-खुद आकर्षित करती है। 
   वस्तुत: नगरकोट हिल स्टेशन एक अंतरराष्ट्रीय हिल स्टेशन है। नगरकोट हिल स्टेशन पर पर्यटक प्रकृति की शानदार अठखेलियों का रोमांचक एहसास कर सकते हैं। 

  कभी बर्फ का गिरना व कभी बादलों का खिलंदडपन मन को भाता है। सर्दियों में चौतरफा बर्फ की चादर अति सुन्दर प्रतीत होती है। 
  बर्फ से ढ़के पर्वत एवं बर्फ से आच्छादित बस्तियों बेहद अद्भुत प्रतीत होती है। मखमली घास के मैदान-ढ़लान ह्मदयस्पर्शी एहसास कराते हैं।

  नगरकोट हिल स्टेशन पर बहुत कुछ अद्भुत दिखता है। बादलों का आना जाना मन को प्रफुल्लित करता है।
   कभी बादल पर्यटकों के बेहद समीप होने का एहसास कराते हैं तो कभी बादल पर्यटकों की गोद में आ जाते है। 

  वनस्पति से आच्छादित वन क्षेत्र एक सुगंध के साथ ही स्वास्थ्य वर्धक वायु भी प्रदान करता है। फूलों की विभिन्न प्रजातियां खूशबू का एक खुशनुमा परिवेश बनाती हैं। चौतरफा हरितिमा की आभा परिवेश को अति सुन्दर एवं शानदार बनाती हैं।

   नगरकोट हिल स्टेशन की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट काठमांडू एयरपोर्ट है। काठमांडू एयरपोर्ट से नगरकोट हिल स्टेशन की दूरी करीब 28 किलोमीटर है। 
  पर्यटक त्रिभुवन एयरपोर्ट से भी नगरकोट हिल स्टेशन की यात्रा कर सकते हैं। निकटतम रेलवे स्टेशन जनकपुर रेलवे स्टेशन जंक्शन है। पर्यटक नगरकोट हिल स्टेशन की यात्रा सड़़क मार्ग से भी कर सकते हैं।
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Friday, 25 January 2019

काकाडू नेशनल पार्क: प्राकृतिक सौन्दर्य

   काकाडू नेशनल पार्क को प्राकृतिक सौन्दर्य का अद्भुत दर्पण कहें तो शायद कोई अतिश्योक्ति न होगी। जी हां, आस्ट्रेलिया के उत्तरी क्षेत्र स्थित काकाडू नेशनल पार्क की सुन्दरता का कोई जोड़ नहीं। 

   उल्लेखनीय है कि यह शासकीय संरक्षित क्षेत्र है। नदियों, झीलों-झरनों एवं सुरम्य वन क्षेत्र से आच्छादित काकाडू नेशनल पार्क एक अति खूबसूरत वैश्विक पर्यटन क्षेत्र है। विशेषज्ञों की मानें तो यह एक करामाती हिल स्टेशन है। 

   डार्विन से करीब 171 किलोमीटर दूर दक्षिण-पूर्व में स्थित काकाडू नेशनल पार्क वैश्विक पर्यटकों का बेहद पसंदीदा पर्यटन एरिया है। करीब 19804 वर्ग किलोमीटर में फैला यह काकाडू नेशनल पार्क अद्भुत है। 
   इसकी विशालता एवं विहंगमता का सहज अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि प्रतिवर्ष दो लाख से अधिक पर्यटक यहां प्राकृतिक सौन्दर्य बोध के लिए आते हैं।

    काकाडू नेशनल पार्क मुख्यत: झीलों-झरनों, नदियों, वन्य जीवन, पथरीली चट्टानों की विविधिता दर्शनीय है। आदिवासी विविधिता काकाडू नेशनल पार्क का मुख्य आकर्षण है। आस्ट्रेलिया स्थित यह सुन्दर पार्क रॉक कला का विलक्षण आयाम है।

  पर्यटक काकाडू नेशनल पार्क में शिविर लगा कर प्राकृतिक सौन्दर्य का भरपूर आनन्द लेते हैं। वस्तुत: काकाडू नेशनल पार्क का जल क्षेत्र मगरमच्छों से आबाद है। इस पार्क का एक बड़ा क्षेत्र जल सम्पदा से आच्छादित है। 

   इतना ही नहीं काकाडू नेशनल पार्क खनिज सम्पदाओं का भण्डारण भी है। यूरेनियम की दुनिया की सबसे बड़ी खान काकाडू नेशनल पार्क में स्थित है। इसे रेंजर यूरेनियम माइन कहा जाता है। 

   आैषधीय वनस्पतियों की प्रचुरता काकाडू नेशनल पार्क को काफी कुछ खास बना देती है। वन्य जीवन से लेकर जीव-जन्तुओं की विलक्षण दुनिया काकाडू नेशनल पार्क में अवलोकित होती है।
   खास यह कि 280 से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का कलरब काकाडू नेशनल पार्क की शांति को भंग करता रहता है। मेढ़क की 25 से अधिक प्रजातियां यहां उपलब्ध हैं।

  खास यह कि वनस्पतियों की 1275 से अधिक प्रजातियां काकाडू नेशनल पार्क में शोभायमान हैं। इतना ही नहीं काकाडू नेशनल पार्क समृद्ध आदिवासी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है।
   विशेषज्ञों की मानें तो रिकार्ड 5000 से अधिक कला साइटें काकाडू नेशनल पार्क में दर्शनीय हैं।

  यह कलात्मकता हजारों वर्ष प्राचीन आदिवासी संस्कृति को दर्शाती हैं। यह एक पुरातात्विक स्थल भी घोषित है। आदिवासी जीवन शैली पर्यटकों को मुग्ध करती है।
   विशेषता उनके रीति-रिवाज एवं विश्वास महत्वपूर्ण हैं। आदिवासी रॉक कला वैश्विक ख्याति रखती है। काकाडू नेशनल पार्क में नूरलांगी एवं उबेर साइट्स पर्यटकों की बेहद पसंदीदा हैं। 

   काकाडू नेशनल पार्क के मागुक, गुनलोम, ट्विन फाल्स एवं जिम-जिम फाल्स आदि बेहद प्रसिद्ध हैं। इन फाल्स में पर्यटक जलक्रीडा का भरपूर आनन्द लेते हैं।
    पर्यटक काकाडू नेशनल पार्क में क्रुज का आनन्द ले सकते हैं। क्रुज में सफर करते हुए काकाडू नेशनल पार्क के नैसर्गिक सौन्दर्य का अपना एक अलग ही आनन्द दिखता है। 

  दुनिया के इस विलक्षण क्षेत्र में पक्षियों का अद्भुत संसार देख सकते हैं। खास तौर से क्रुज के सफर में पक्षियों का एक अलग ही संसार दिखता है।
   विशेषज्ञों की मानें तो आस्ट्रेलिया की 30 प्रतिशत से अधिक प्रजातियों के पक्षियों का कोलाहल यहां खास तौर से देखा जा सकता है।

  काकाडू नेशनल पार्क में प्राकृतिक सौन्दर्य का प्रत्येक आयाम दर्शनीय है। चाहे पर्वत श्रंखला का सौन्दर्य अवलोकित करना हो या फिर घाटियों-वादियों का दुर्लभ सौन्दर्य हो।
  शायद इसीलिए काकाडू नेशनल पार्क दुनिया के चुनिंदा पर्यटन स्थलों में गिना जाता है।

   काकाडू नेशनल पार्क की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट डर्विन इण्टरनेशनल एयरपोर्ट है। 
  डर्विन एयरपोर्ट से काकाडू नेशनल पार्क की दूरी करीब 323 किलोमीटर है। पर्यटक रेल एवं सड़क मार्ग से भी काकाडू नेशनल पार्क की यात्रा कर सकते हैं।
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Monday, 21 January 2019

सिंगापुर : धरती का आधुनिक स्वर्ग

   सिंगापुर को धरती पर आधुनिक स्वर्ग कहा जाना चाहिए। जी हां, सिंगापुर की सुन्दरता देख कर कोई भी मोहित हो सकता है। 

   सिंगापुर को एशिया का सांस्कतिक संगम भी कहा जा सकता है। संस्कृति, इतिहास एवं भाषा की विविधिता सिंगापुर को काफी कुछ खास बना देती है। 
   दक्षिण एशिया में मलेशिया एवं इंडोनेशिया के मध्य स्थित सिंगापुर अपनी खूबसूरती एवं विशिष्टताओं से वैश्विक पर्यटकों को आकर्षित करता है। 
   सिंगापुर अर्थात सिंहों का शहर। इसे वैश्विक पर्यटन का क्षितिज भी कहा जाता है। कारण वैश्विक पर्यटन की सभी खूबियां सिंगापुर में मौजूद हैं। लिहाजा सिंगापुर वैश्विक पर्यटकों को सम्मोहित करता है। 
   खास यह कि सिंगापुर में विभिन्न देशों की संस्कृतियों के अलावा इतिहास एवं भाषा सिंहावलोकन होता है।

   खास यह कि भारत की व्यावसायिक राजधानी मुम्बई से आकार में कुछ कमतर सिंगापुर सौन्दर्य शास्त्र का वैश्विक आइना है।
   दक्षिण-पूर्व एशिया में निकोबार द्वीप समूह से करीब 1500 किलोमीटर दूर सिंगापुर अपनी शान का इकलौता देश है।

   खास यह कि दो दशक की अवधि में सिंगापुर ने वैश्विक पर्यटन एवं व्यापार के क्षेत्र में खास ख्याति हासिल की है। 
  विशेषज्ञों की मानें तो आधुनिक सिंगापुर की अवधारणा एवं स्थापना सर स्टेमफोर्ड रेफल्स ने की थी। वर्ष 1965 में मलेशिया से अलग होकर सिंगापुर का एक सुन्दर राष्ट्र के तौर पर उदय हुआ। 

   किवदंती यह भी है कि 14वीं शताब्दी में सुमात्रा द्वीप के हिन्दू राजकुमार शिकार के लिए इस द्वीप पर गये तो उन्होंने जंगल में सिंह समूह देखा। 
  जिस पर उन्होंने इस द्वीप का नामकरण सिंगापुरा कर दिया। विशेषज्ञों की मानें तो सिंगापुर विश्व की 9वीं एवंं एशिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।

  इस अर्थव्यवस्था में वैश्विक पर्यटन की अहम भूमिका है। अर्थशास्त्रियों की दृष्टि में सिंगापुर किसी चमत्कार से कम नहीं।
  सिंगापुर में चौतरफा खूबसूरती के इन्द्रधनुषी रंग दिखते हैं। सिंगापुर में दर्शनीय स्थलों की एक लम्बी श्रंखला है।

   इनमें खास तौर से तीन संग्रहालय, जूरोंग बर्ड पार्क, रेप्टाइल पार्क, जूलाजिकल गार्डेन, सांइस सेंटर सेंटोसा द्वीप, पार्लियामेंट हाउस, हिन्दू-चीनी एवं बौद्ध मंदिर आदि इत्यादि बहुत कुछ है।
  चीनी एवं जापानी गार्डेन की खूबसूरती देखते ही बनती है। सिंगापुर म्यूजियम में सिंगापुर की आजादी की कहानी बयां की गयी है।

  आजादी की यह कहानी आकर्षक थ्री डी वीडियो शो के जरिए बयां की जाती है। विशेषज्ञों की मानें तो सिंगापुर की आजादी की इस लड़ाई में भारतीयों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
  कल्चरल म्यूजियम में विभिन्न जातियों के त्याहारों-पर्वों को प्रदर्शित किया गया है। जिनमें दशहरा, दीपावली आदि पर्व-त्योहारों का महत्व बताया गया है। जूरोंग बर्ड पार्क में 600 प्रजातियों एवं 8000 से अधिक पक्षियों के संग्रह को प्रदर्शित किया गया है। 

  यह पार्क एशिया प्रशांत क्षेत्र का सबसे बड़ा पक्षी पार्क है। करीब 30 मीटर ऊंचा मानव निर्मित जलप्रपात एवं ओल स्टार बर्ड शो सिंगापुर का विशेष आकर्षण हैं। बर्ड शो में पक्षी टेलीफोन पर बात करते देखे जा सकते हैं।

  रेप्टाइल पार्क में 10 फुट लम्बे मगरमच्छ के मुंह में प्रशिक्षक का सिर डालना, कोबरा सांप का चुम्बन लेना आदि इत्यादि बेहद रोमांचक प्रतीत होता है। 
   सिंगापुर के मॉल्स बेहद सुन्दर एवं दर्शनीय हैं। सिंगापुर में रेल यात्रा करना बेहद मनोरंजक होता है। इस यात्रा में जंगल, पहाड़, झरनों की श्रंखला बेहद दर्शनीय हैं। 

   ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे स्वप्नलोक में हों। लहलहाते पेड़-पौधों एवं फूलों की वाटिका के मध्य रेल का गुजरना मन को प्रफुल्लित कर देता है।
  यहां का बोटैनिकल गार्डेन रंग-बिरंगे आर्किड फूलों की सुन्दरता एवं खूशबू से पर्यटकों को मुग्ध कर लेता है। सूर्योदय एवं सूर्यास्त का नजारा बेहद लुभावना होता है। 

   सिंगापुर के चिड़ियाघर भी बेहद मनोरंजक हैं। वन्य जीवन का कोलाहल पर्यटकों को प्रफुल्लित करता है। यहां का म्युजिकल फाउण्टेन भी आकर्षित करता है। 
   पर्यटक यहां क्रुज ट्रिप का भरपूर आनन्द उठा सकते हैं। क्रुज ट्रीप से द्वीप का आकर्षण देख सकते हैं। यहां का हॉपरविला थीम पार्क बेहद अनोखा है। यह सैलानियों का मन मोह लेता है।
   इस विशाल पार्क में चीन की संस्कृति को रूपांकित किया गया है। एशिया में सिंगापुर को व्यंजनों की राजधानी संज्ञा दी जाती है। लिहाजा पर्यटक सिंगापुर में स्वादिष्ट व्ंयजनों के चटखारे ले सकते हैं। रात्रि में सिंगापुर एक सुन्दर क्षितिज की भांति चमकता है। नवविवाहित जोड़ों के हनीमून के लिए सिंगापुर बेहतरीन स्थान है। 
   सिंगापुर की यात्रा के लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। सिंगापुर की यात्रा के लिए सिंगापुर चांगी एयरपोर्ट है। रेल एवं सड़क मार्ग से भी पर्यटक सिंगापुर की यात्रा कर सकते हैं।
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Friday, 18 January 2019

कुआलालम्पुर: धरती का स्वप्नलोक

    कुआलालम्पुर की स्थापथ्य कला एवं सुन्दरता का कोई जोड़ नहीं। जी हां, यह शानदार एवं जानदार शहर स्थापत्य कला एवं अद्भुत सुन्दरता से वैश्विक पर्यटकों को आकर्षित करता है। 

  मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर वैश्विक पर्यटकों का पसंदीदा शहर है। कुआलालम्पुर को सौन्दर्य शास्त्र का अद्भुत शहर कहें तो शायद कोई अतिश्योक्ति न होगी।
   सांझ ढ़लते ही चौतरफा रंगीन रोशनी से जगमगाता एवं झिलमिलाता शहर कुआलालम्पुर स्वर्ग लोक का रोमांचक एहसास कराता है। 

   पर्वतों की सुन्दरता एवं वनस्पतियों की सुगंध मन-मस्तिष्क को प्रफुल्लित कर देती है। कुआलालम्पुर की संरचना पर्यटकों एवं दर्शकों को मुग्ध कर लेती है। फव्वारों की शानदार श्रंखला दिल दिमाग को एक विशेष ताजगी का एहसास कराते हैं। 

  खास यह कि मलेशिया की राजधानी कुआलालम्पुर में विशेष आकर्षण की एक शानदार श्रंखला विद्यमान है। खास तौर से मलेशिया के राजा का महल इस्ताना निगारा अति दर्शनीय है। 
  इस शानदार शहर कुआलालम्पुर की खास पहचान यहां के दो जुड़वां टावर हैं। इन जुड़वां टॉवर को पेट्रोनस जुड़वां मीनार के नाम से जाना पहचाना जाता है।


   खास यह कि यह दोनों जुड़वा टॉवर कुआलालम्पुर में कहीं से भी देखे जा सकते हैं। करीब 451.9 मीटर ऊंचाई वाले यह सुन्दर एवं शानदार टॉवर पर्यटकों को विशेष तौर पर आकर्षित करते हैं।
   करीब 86 मंजिला टावर्स की स्थापत्य कला अद्भुत एवं दर्शनीय है। पेट्रोनस टावर्स के निकट ही कुआलालम्पुर सिटी सेन्टर पार्क भी है। इसकी दर्शनीयता भी अद्भुत है।

   खास यह कि इस विहंगम पार्क में 1900 से अधिक पोंम के पेड़ लगे हैं। केएलसीसी एक्वेयरियम एवं केएल टावर भी अति दर्शनीय हैं। 
  करीब 5000 वर्ग फुट में फैले एक्वेरियम में 150 से अधिक प्रजातियों की मछलियां पर्यटकों का मनोरंजन करती दिखती हैं। इसमें एक सुन्दर 90 मीटर लम्बी टनल भी है। यहां एहसास होता है कि जैसे पर्यटक समुद्र के भीतर देख रहे हों। 

   नेशनल प्लेनेटोरियम, आर्किड पार्क, बटरफ्लाई पार्क आदि इत्यादि कुआलालम्पुर का आकर्षण एवं शान हैं।
   खास यह कि कुआलालम्पुर को क्लांग घाटी के नाम से भी जाना पहचाना जाता है। पर्यटक कुआलालम्पुर के शानदार मॉल्स में शॉपिंग का शौक भी पूरा कर सकते हैं।
   विशेष यह कि मलेशिया का सबसे बड़ा शॉपिंग माल कुआलालम्पुर में ही है। इस मॉल को बरजाया टाइम स्क्वेयर मॉल के नाम से जाना पहचाना जाता है। यह विशाल मॉल करीब 3450000 वर्ग फुट में फैला हुआ है। 

   बरजाया टाइम मॉल में विश्व के सर्वश्रेष्ठ ब्राांड उपलब्ध रहते हैं। कुआलालम्पुर वन्य जीवन, अद्भुत संस्कृति एवं विस्तृत लोक परम्पराओं का संगमन है।
  यहां की परम्परा एवं संस्कृति विश्व के पर्यटकों को विशेष आकर्षित करती हैं। कुआलालम्पुर वस्तुत: मलेशिया की राजधानी है।

  हालांकि मलेशिया ने कुआलालम्पुर से कुछ दूर प्रशासनिक राजधानी विकसित की है। इस प्रशासनिक राजधानी को पुत्रजया के नाम से जाना पहचाना जाता है। 
  पुत्रजया की दिव्यता-भव्यता अति दर्शनीय है। पुत्रजया किसी स्वप्न लोक से कम नहीं है। पुत्रजया की झील बेहद सुन्दर है। 

  अत्याधुनिक सेवाओं-सुविधाओं से सुसज्जित पुत्रजया बेहद दर्शनीय है। कई कंवेंशन सेंटर यहां के विशेष आकर्षण हैं। खास यह कि सरकारी कर्मचारियों के आवास झील के किनारे हैं।
   मलेशिया के प्रधानमंत्री का कार्यालय भी सुन्दरता की बेजोड़ संरचना है। विभिन्न देशों के दूतावास भी खूबसूरती का एक रंग हैं। 
  पुत्रजया घूमने के लिए क्रुज की शानदार व्यवस्था है। लिहाजा पर्यटक एक सुखद आनन्द की अनुभूूति यहां कर सकते हैं। 
   लंकावी आईलैण्ड: लंकावी आईलैण्ड कुआलालम्पुर का विशेष आकर्षण है। पर्यटक करीब डेढ़ घंटे का सफर कर लंकावी पहुंच सकते है।
   बाटु गुफाएं गोम्बक: बाटु गुफाएं गोम्बक दरअसल गुफाओं एवं मंदिरों का गढ़ है। वस्तुत: यह एक पर्वत है। यहां सुंगाई बाटु नदी प्रवाहित है।
   मान्यता है कि भगवान मुरुगन यहां विराजते हैं। इस कारण से यह स्थान हिन्दुओं के मध्य बेहद लोकप्रिय है। इतिहास एवं शिल्प कला का यह क्षेत्र किसी खजाना से कम नहीं है।

   फ्रेजर पहाड़ियां: फ्रेजर पहाडि़यां कुआलालम्पुर का विशेष आकर्षण है। इस पर्वत श्रंखला पर रिसोर्ट की एक शानदार श्रंखला है। यहां से चौतरफा खूबसूरती का एहसास किया जा सकता है।
   प्राकृतिक सौन्दर्य का यह अद्भुत आयाम पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। यह स्थान वस्तुत: कच्ची धातुओं से ताल्लुक रखता है। 

   थीन हू मंदिर: थीन हू मंदिर वस्तुत: दक्षिण-पूर्वी एशिया का सबसे प्राचीन मंदिर है। यह चीन की समुद्री देवी माजु को समर्पित है। अद्भुत वास्तुशिल्प का सुन्दर नमूना यह मंदिर पहाड़ पर स्थित है। यह स्थान अति दर्शनीय है।
   पेनांग बीच: पेनांग बीच बेहद सुन्दर स्थान है। यहां चौतरफा प्रकृति का सुन्दर नजारा दिखता है।
    कुआलालम्पुर की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट कुआलालम्पुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। इसके अलावा पर्यटक रेलवे एवं सड़क मार्ग से भी कुआलालम्पुर की यात्रा कर सकते हैं।
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Tuesday, 8 January 2019

फेयरबैंक्स: प्राकृतिक सुन्दरता

   फेयरबैंक्स को शानदार पर्यटन शहर कहा जाना चाहिए। जी हां, फेयरबैंक्स की प्राकृतिक सुन्दरता अद्भुत है। वस्तुत: फेयरबैंक्स बर्फ की आगोश में लिपटा रहने वाला शहर है। 

   संयुक्त राज्य अमेरिका के अलास्का प्रांत का यह सुन्दर शहर देश विदेश में अपने खास सौन्दर्य के लिए प्रसिद्ध है।
  फेयरबैंक्स अमेरिकी प्रांत अलास्का का सबसे बड़ा शहर है। आर्कटिक सर्किल के सन्निकट स्थित यह पर्वतीय शहर वैश्विक पर्यटकों का सर्वाधिक पसंदीदा शहर है। 
   इसका सौन्दर्य शास्त्र बेमिशाल है। सूर्योदय एवं सूर्यास्त फेयरबैंक्स की सुन्दरता को आैर भी निखार देता है।
  ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे कैनवास पर कोई शानदार पेंटिंग रूपांकित की गयी हो। खास तौर से फेयरबैंक्स की पर्वत श्रंखलाएं एक नया आकर्षण पैदा करती हैं।

  फेयरबैंक्स की पर्वत श्रंखलाएं, झीलों-झरनों की सुन्दरता, प्राचीन नदियों का अद्भुत दर्शन एवं वन्य जीवन का कोलाहल पर्यटकों को रोमांच से भर देता है।
  शांत एवं शीतल फेयरबैंक्स पर पर्यटक एक ऊर्जा का एहसास करते हैं। इसे प्रकृति का जीवंत शहर कह सकते हैं। फेयरबैंक्स में आकर्षण की एक लम्बी श्रंखला है। 

   खास तौर से कला एवंं कलाकार सम्पन्न यह शहर अपनी एक अलग संस्कृति रखता है। समृद्ध अलास्का की मूल संस्कृति यहां की शान है।
  आकर्षण एवं अनवेषण की यहां एक लम्बी श्रंखला है। फेयरबैंक्स क्षेत्र में अरोरा सीजन खास तौर से जाना पहचाना जाता है।

  आकाशीय रोशनी की विलक्षण छटा निखरती दिखती है। अगस्त से अप्रैल की मध्य अवधि यहां शानदार दृष्टिगत होती है। 
   इसी प्रकार मिडनाइट सन सीजन फेयरबैंक्स का विशेष आकर्षण होता है। पर्यटक इस अवधि में फेयरबैंक्स में 24 घंटे एक विशेष रोशनी का अनुभव कर सकते हैं। 

   हालांकि यहां खास तौर से पर्यटक धंुध का रोमांचक एहसास करते हैं। हालांकि सर्दियों में सूर्य के दर्शन बेहद कम होते हैं।
   सूर्यास्त के बाद एवं सूर्योदय के पहले फेयरबैंक्स की छटा अद्भुत दिखती है। बर्फ से आच्छादित इलाका, अल्पाइन का सघन वन क्षेत्र इस निराली छटा को आैर भी अधिक विलक्षण बना देता है।
   फेयरबैंक्स का यह दृश्य परी लोक सा बना देता है। सर्दियों का मौसम फेयरबैंक्स शहर पर मुकुट की भांति प्रतीत होता है।

 कारण चौतरफा बर्फ का आच्छादन होता है। फेयरबैंक्स की प्राकृतिक सुन्दरता पर्यटकों को मुग्ध कर लेती है। यहां की प्राकृतिक सुन्दरता को कई फिल्मों में कैद किया जा चुका है। 
  अलास्का में सर्दियों का सौन्दर्य कुछ आैर ही दिखता है। सूर्य की चमक में बर्फ का इन्द्रधनुषी रंग विशेष दिखता है। 

   खास यह कि फेयरबैंक्स में पशुओं का अनुसंधान केन्द्र भी है। लिहाजा पशुओं की विशेष प्रजातियां दिखती हैैं।
   खास तौर से बर्फीले क्षेत्र एवं अंधकार में रहने वाले पशुओं का चंचल व्यवहार दृष्टिगत होता है। स्कीइंग के शौकीन पर्यटकों के लिए फेयरबैंक्स किसी स्वर्ग से कम नहीं। 

  विशेषज्ञों की मानें तो फेयरबैंक्स को हब ऑॅॅफ इंटीरियर, गेटवे टू द बुश, गोल्डन हार्ट सिटी आदि इत्यादि बहुत कुछ कहा जाता है। 
  हालांकि फेयरबैंक्स की आबादी एक लाख से भी कम है। फिर भी फेयरबैंक्स अलास्का को वैश्विक पर्यटन में विशिष्ट स्थान हासिल है। 

   फेयरबैंक्स विश्वविद्यालय, आर्मी बेस, एयरफोर्स सहित बहुत कुछ है। पर्यटकों को बर्फबारी एवं सर्दियों का आनन्द लेना हो तो फेयरबैंक्स की यात्रा करनी चाहिए।
  खास यह कि सर्दियों में फेयरबैंक्स का तापमान शून्य से 62 डिग्री तक नीचे रहता है। सर्दियों में आसमान का इन्द्रधनुषी रंग पर्यटकों को सम्मोहित कर लेता है। 

  पर्यटक फेयरबैंक्स में मिट्टी के बर्तन, पेंटिंग, कपड़ा, गहनों का एक अलग अंदाज देख सकते हैं। 
  फेयरबैंक्स यूनिवर्सिटी ऑफ अलास्का एवं यूनिवर्सिटी ऑफ अलास्का म्यूजियम ऑफ नार्थ सहित बहुत कुछ विशेष है। यहां प्राकृतिक इतिहास एवं कला का अद्भुत संगम दिखता है।
   इसे अलास्का का समृद्ध संग्रहालय माना जाता है। अल्पाइन स्कीइंग, रॉफ्टिंग, गर्म स्प्रिंग्स यहां के खास आकर्षण हैं।   
   पायनियर पार्क: पायनियर पार्क फेयरबैंक्स का मुख्य आकर्षण है। इसकी विलक्षणता एवं सुन्दरता दर्शनीय है।
   फेयरबैंक्स की यात्रा के सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं। निकटतम एयरपोर्ट फेयरबैंक्स इंटरनेशनल एयरपोर्ट है।
  फेयरबैंक्स की एयरपोर्ट से दूरी करीब 5 किलोमीटर है। निकटतम रेलवे स्टेशन फेयरबैंक्स में ही है। पर्यटक फेयरबैंक्स की यात्रा सड़क मार्ग से भी कर सकते हैं।
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यूनिवर्सल स्टूडियो: रोमांच की दुनिया    यूनिवर्सल स्टूडियो को एक रोमांचक एहसास कहा जाना चाहिए। जी हां, यूनिवर्सल स्टूडियो रोमांच की एक अ...